हिंदुत्व के शिकार

हिंदुत्व क्या है??

हिन्दू होकर भी हिन्दू, हिन्दू को अपनी बेटी नहीं देता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू को अपनी थाली में रोटी नहीं देता है.
हिन्दू होकर भी हिन्दू, हिन्दू को मान नहीं देता, सम्मान नहीं देता,
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू के अधिकार छीन लेता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू गरीबों का पेट काट लेता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू के बच्चों से स्कूल-कालेजों में भेदभाव करता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू को ही शासन-सत्ता में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता है.
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू के ही बाल-बच्चो का गला काट देता है. 〰〰〰

जो देवी देवताओं को पूजते हैं, ध्यान दें और जवाब दें ।
1.एक भी ऐसे अछूत व्यक्ति का नाम बताएं जिसका भला किसी " देवी देवता " अथवा "भगवान " ने किया हो ?
2 ." संविधान " लागू होने से पहले किसी एक व्यक्ति को नौकरी दिलवाने वाले किसी देवता का नाम बताये ?
3. किसी भी ऐसे देवता का नाम बताएं जिसने " जाति - व्यवस्था "के खिलाफ संघर्ष किया हो ?
किसी भी ऐसे देवता का नाम बताये जिसने जाति के कारण अपमानित होते हुए किसी अछूत कहे जाने वाले
व्यक्ति को अपमानित होने से बचाया हो ?
4. किसी भी ऐसे देवता का नाम बताएं जिसने प्यास से मरते हुए किसी अछूत को पानी पिलाया हो ?
5. किसी भी ऐसे देवता का नाम बताये जो किसी अछूत के घर पैदा हुआ हो ?
6. किसी भी ऐसे देवता का नाम बताएं जिसने द्विजों से कहा हो कि अछूतों से इंसानों के समान व्यवहार करो । बदले में मैं ऐसे द्विजों को अपने परम धाम में जगह दूँगा ?
7. किसी भी ऐसे देवता का नाम बताओ जिसने कहा हो कि जातीय भेदभाव करने वाले व्यक्तियों को नर्क की भट्टी में जलाया जायेगा या उसके पकौड़े तले जायेंगे या उसको कीलों के बिस्तर पर सुलाया जायेगा ?
8. कसी भी ऐसे देवता का नाम बताओ जिसने कहा हो कि अगर कोई किसी अछूत कहे जाने वाले इन्सान के स्पर्श अथवा परछाई से अपवित्र होने की बात कहता है तो मैं उसको दण्डित करूँगा ?
9. किसी भी एक ऐसे देवता का नाम बताइए जिसने किसी मरे हुए ढोर का मांस खाते हुए किसी अछूत से कहा हो कि तुम इन्सान हो । तुमको ये सब खाने की आवश्यकता नही है । आओ मैं तुमको गाँव में ले जाकर भोजन करवाता हूँ ?
10.कसी भी ऐसे देवता का नाम बताइए जिसने गाँव के बाहर बस्ती बनाकर रहने वाले किसी अछूत से कहा हो !
कि तुम भी बाकि सभी आदमियों की तरह हो आओ मैं आपको गाँव में रहने के लिए स्थान दिलवाऊंगा ?
आप कोशिश करिए,आपको इनमे से किसी भीसवाल का जवाब नही मिलेगा l क्योंकि पहली बात तो ये सब
काल्पनिक हैं ।
हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू की काबिलियत पर ऊँगली उठाता है.
हिन्दू होकर ही हिन्दू, हिन्दू को एक समान अपने जैसा इंसान होने का दर्जा नहीं देता है.
हिन्दू होकर हिन्दू यानि शुद्र को मिले आरक्षण का विरोध् करता है।
शुद्र मूलनिवासी बहुजन जो की हिन्दू नहीं, फिर भी हिंदुत्व का वास्ता दे कर, मुसलमानो से लड़ाता है, वोटे लेता है, राजनीती करता और सिर्फ स्वर्ण हिन्दुओ के बारे में काम करता है।


हिन्दू हो कर हिन्दू शूद्रो की लड़कियो का बलात्कार करता है।

हिन्दू होकर शुद्र हिन्दू से रोटी बेटी की साँझ नहीं करता।
हिन्दू होकर शुद्र हिन्दू की तरक्की से जलती है।
बहुत चालाक हिन्दू है जो जाते एक मानसिक बीमारी है, नहीं खत्म करना चाहता, पर आरक्षण और सविधान खत्म करना चाहता है।

हिन्दू होकर आरक्षण खत्म करने और सविधान बदलने के आंदोलन चलाता है ता की शूद्रो का हक खा सके और उनको फिर गुलामी में धकेला जा सके।

हिन्दू होकर आज भी शुद्र हिन्दू से छुआछात, ऊँच नीच और भेदभाव करता है।

ये कैसा हिन्दू है और कैसा इसका धर्म है. इसका ये कथित धर्म, धर्म केसे हो सकता है?

ये धर्म नहीं, स्वार्थ का पुलिन्दा है, सिर्फ जातियों का एक झुंड है और कुछ लोगो  को गुलाम बनाए रखने की साजिश है.

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