धर्म और संविधान मे भेद
१.धर्म ने दी हजारो सालो की गुलामी,
जबकि संविधान ने दी आपको हजारो सालो की गुलामी से आजादी |
२. धर्म ने अछूत बनाया,
जबकि संविधान ने समानता का अधिकार देकर आपको इन्सान बनाया |
३. धर्म ने शिक्षा से वंचित रखकर विकास से वंचित किया,
जबकि संविधान ने आपको शिक्षा का अधिकार देकर विकास के नए रास्ते खोले |
४. धर्म ने संपत्ति से वंचित रखकर आर्थिक रूप से पंगु कर दिया,
जबकि संविधान ने आपको संपत्ति, कारोबार का अधिकार देकर उन्नति के नए रास्ते खोले |
5. धर्म ने शहर, गाँव से अलग एक तरफ बस्ती बनाकर समाज से काटकर रख दिया,
जबकि संविधान ने आपको शेष समाज से जोड़कर इन्सान होने का एहसास दिलाया |
६. धर्म ने ऊंच नीच बनाया,
जबकि संविधान ने आपको सभी इंसानों के समान बनाया |
७. धर्म जानवरों से भी बदतर समझता है,
जबकि संविधान आपको किसी भी आदमी से कमतर नहीं समझता |
८. धर्म ने जल रूपी जीवन से वंचित रखा,
जबकि संविधान ने आपको जल पर समान अधिकार दिया |
अब बताइए "धर्म" महान है या फिर संविधान ?.
हमारा एक ही धर्म है वो है इसानियत.....इंसानियत को समझे और संविधान का पालन क्या जाना चाहिए।
जबकि संविधान ने दी आपको हजारो सालो की गुलामी से आजादी |
२. धर्म ने अछूत बनाया,
जबकि संविधान ने समानता का अधिकार देकर आपको इन्सान बनाया |
३. धर्म ने शिक्षा से वंचित रखकर विकास से वंचित किया,
जबकि संविधान ने आपको शिक्षा का अधिकार देकर विकास के नए रास्ते खोले |
४. धर्म ने संपत्ति से वंचित रखकर आर्थिक रूप से पंगु कर दिया,
जबकि संविधान ने आपको संपत्ति, कारोबार का अधिकार देकर उन्नति के नए रास्ते खोले |
5. धर्म ने शहर, गाँव से अलग एक तरफ बस्ती बनाकर समाज से काटकर रख दिया,
जबकि संविधान ने आपको शेष समाज से जोड़कर इन्सान होने का एहसास दिलाया |
६. धर्म ने ऊंच नीच बनाया,
जबकि संविधान ने आपको सभी इंसानों के समान बनाया |
७. धर्म जानवरों से भी बदतर समझता है,
जबकि संविधान आपको किसी भी आदमी से कमतर नहीं समझता |
८. धर्म ने जल रूपी जीवन से वंचित रखा,
जबकि संविधान ने आपको जल पर समान अधिकार दिया |
अब बताइए "धर्म" महान है या फिर संविधान ?.
हमारा एक ही धर्म है वो है इसानियत.....इंसानियत को समझे और संविधान का पालन क्या जाना चाहिए।
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