धोखे में न रहे

यदि किसी ब्यक्ति से आपकी मित्रता  है रिस्ता है या फिर बहुत बड़ा विस्वाश करते है तो भी आप धोखे में है क्योकि आप से अधिक हर ब्यक्ति अपने विषय में सोचता है. उदाहरण के तौर पर आपके कोई भी ( अमुक ) आपसे कहे की जैसा आप समझे वही हमारे लिए उचित है. तो यह गलत होगा।  मान  लिया आपकी पत्नी ही आप पर बहुत बड़ा विश्वास करती है लेकिन उसके परिवार में कोई बीमार हो जाये तो आप उसे कितनी ही बड़ी सांत्वना क्यों न  दे लेकिन वह आपकी बात को मानने के लिए तैयार नहीं होगी तो फिर लोग यह क्यों कहते है कि हम आप के लिए ही जीते है या आप के लिए मरते है।  

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