बौध्द राष्ट्र भारत
☸🇮🇳 *भारत एक बौद्ध राष्ट्र* 🇮🇳☸
====== *|||563|||* ======
☸ *1 : भारतीय संविधान*
संपूर्ण प्राणी जगत में प्राचीन भारत को स्वर्णिम भारत, सोने की चिड़िया, अखंड भारत, विश्व विजयी, विश्व गुरु, एशिया का प्रकाश, प्रबुद्ध, सत्य, अहिंसा, शांति, करुणा, दया, बंधुत्व इत्यादि से खुशहाल केवल तथागत बुद्ध, चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य, चक्रवर्ती धम्म सम्राट प्रियदर्शी अशोक महान से ही जाना जाता है। इस अद्वितीय, गौरवशाली, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक, समतामूलक एवं मानवीय लोक-कल्याणकारी अशोक धम्म शासन/गणराज्य को बाबा साहेब और संसद ने *स्वतंत्र भारत के संविधान के Preamble* में ही पूर्ण रूप से समावेशित कर आदर्श बौद्ध धम्म राष्ट्र के महत्व का देश एवं दुनियां को स्पस्ट लिखित संदेश दे दिया है।
जो इस प्रकार है:-
☸ *2: राष्ट्रपति के सिंहासन के शीर्ष पर "धम्मचक्कपवत्तनाय" का अंकित होना।*
देश का सर्वोच्च पद राष्ट्रपति का होता है। जिस सिहांसन पर राष्ट्रपति के आसीन होने पर सुशोभित होता है। बुद्ध की गरिमा को ध्यान में रखते हुए *'राष्ट्रपति सिंहासन'* से भी ऊपर भगवान बुद्ध के मुख से लोक कल्याण के लिए सारनाथ उत्तर प्रदेश में निकला प्रथम उपदेश *"धम्मचक्कपवत्तनाय"* को अंकित किया गया है। जो बौद्ध धम्म के सम्मान का सूचक है। स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति स्वयं तथागत बुद्ध के मानवीय धम्म का ही शपथ लेकर पदासीन हुए थे।
☸ *3: सम्राट अशोक हाल*
राष्ट्रपति भवन के अन्दर अशोक हाल है। जहां पर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायधीश, अन्य मंत्री गण इत्यादि का शपथ समारोह होता है। दूसरे देशों से आने वाले राजा-महाराजाओं का स्वागत-सम्मान भी इसी हाल में किया जाता है।
☸ *4 : बुद्ध प्रतिमाएं*
राष्ट्रपति भवन के अन्दर दो विशाल बुद्ध प्रतिमाऐं अशोक हाल में स्थापित हैं। जिनमें एक कुषाण काल की बुद्ध प्रतिमा है। जो बौद्ध सम्राट कनिष्क द्वारा बनवायी गयी थी।
दूसरी प्रतिमा सन 1962 में चीन द्वारा भेंट की गयी थी। जो चीन-भारत मैत्री समझौता में भारत को प्रदान की गयी थी।
☸ *5: धम्मचक्र एवं पाली भाषा*
राष्ट्रपति भवन में दीवारों पर धम्म चक्र और पाली भाषा अंकित है।
☸ *6: संसद भवन को बौद्ध कला से साज-सज्जित*
दिल्ली के संसद भवन सह ऊपरी गुम्मबद सांची स्तूप जैसा निर्मित किया गया। सांची स्तूप सम्राट अशोक ने अपनी पत्नी के लिए बुद्ध वंदना के लिए बनाये थे।
☸ *7: राष्ट्रपति भवन, सर्वोच्च न्यायालय, संसद भवन, इंडिया गेट* इत्यादि का ऊपरी गुम्बद सम्राट अशोक निर्मित सांची के स्तूप के आकार में बना है।
☸ *8 : राष्ट्रीय ध्वज*
भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा तीन पट्टियों जिसमें पहला रंग केसरिया, दूसरा सफेद और तीसरा हरा रंग द्वारा 2×3 आकार में निर्मित हैं। सफेद पट्टी के बीचों-बीच में *बुद्ध के 24 तिल्लियों वाला धम्म चक्र को नीले रंग से अंकित किया गया है। सफेद रंग शान्ति और 24 तीलियों वाला "अशोक चक्र" बौद्ध धम्म की शिक्षाओं का प्रतीक है, जो तथागत बुद्ध का प्रतीक है।*
☸ *9: राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ*
देश की *राष्ट्रीय मुद्रा* में बौद्ध संस्क्रति के प्रतीक चार मुंह वाले राष्ट्रीय चिन्ह *'सिंह शीर्ष'* को सारनाथ सिंह स्तम्भ से लिया गया है। *"सत्यमेव जयते"* जो सम्राट अशोक का राज चिन्ह पर अंकित था।
*सरकारी कागजात/दस्तावेज :-*
हर सरकारी न्यायिक और गैर न्यायिक दस्तावेजों-कागजातों पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में बौद्ध संस्कृति के प्रतीक चिन्ह *"अशोक स्तंभ' और धम्म चक्र"* ही अंकित होता है।
☸ *10 : सर्वोत्तम पुरस्कार भारत रत्न व वीरता का राष्ट्रीय सर्वोत्तम अशोक चक्र पुरस्कार*
भारत का सर्वोत्तम पुरस्कार *भारत रत्न* पर सोने के पीपल की पत्ती और चक्र तथा वीरता का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार सैनिकों को सोने का *अशोक चक्र* का प्रतीक चिन्ह ही दिया जाता है।
☸ *11 : अशोक राजपथ*
दिल्ली में राष्ट्रपति भवन व संसद भवन का मुख्य मार्ग अर्थात भारत के राजपथ का नाम *अशोक राजपथ* ही है। जहाँ प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को राजकीय परेड होती है।
☸ *12 : भारत का राष्ट्रीय पशु शेर, पक्षी मोर इत्यादि बौद्ध धर्म/धम्म एवं मौर्य वंशी सम्राटों का ही प्रतीक है।*
☸ *13 : संवैधानिक लोकतांत्रिक/गणतांत्रिक संसदीय शासन व्यवस्था*
भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। आजाद भारत के संविधान का निर्माण पंचशील के सिद्धान्तों पर और भिक्खुओं के संघ जीवन जीने के नियमों को ही धाराओं के नाम से कानूनी पावर देकर दर्शाया गया है। आज देश की राजनैतिक व्यवस्था भारतीय संविधान से चलती है। यहां का शासन-प्रशासन बौद्धों की लोकतांत्रिक गणराज्य शासन प्रणाली के अनुसार ही किया जाता है। बौद्ध राजा-महाराजाओं द्वारा सुचारू रुप से कार्यान्वित थी। *बाबा साहेब डा. बी.आर. अम्बेडकर ने चक्रवर्ती सम्राट अशोक के कल्याणकारी शासन को पुन:स्थापित करने के लिए मनुस्मृति के स्थान पर 26 जनवरी 1950 ई में संवैधानिक राष्ट्रीय प्रतीक धम्म सम्राट अशोक के लोक-कल्याणकारी गणराज्य को ही लागू किए/कराए। जिसका अनुपालन आज भी जारी है और रहेगा।*
☸ *14: पुरातत्व विभाग*
भारत सरकार के इस विभाग द्वारा सम्पूर्ण भारत के अनगिनत स्थानों से बौद्ध अवशेष, धम्म सम्राट अशोक महान इत्यादि के सिक्के, मुहर, स्तंभ एवं बौद्ध शिलालेख प्राप्त हुए हैं। आज भी बौद्ध राष्ट्र होने के अनेकों प्रमाण प्राप्त होते रहते हैं ।
☸ *15 : सर्वोच्च भारतीय पदक भारत रत्न*
🔹संविधान सभा में सर्वसम्मिति से भारत के सर्वोच्च पदक भारत रत्न के स्वरूप का खाका तैयार किया गया। भारत रत्न के स्वरूप में *बोधिवृक्ष के पत्ते के एक तरफ 32 तिल्लियों वाला धम्म चक्र* स्थापित है, जो भगवान बुद्ध के 32 लक्षणों का प्रतीक है।
तो
🔹दूसरी तरफ धम्म सम्राट अशोक महान का चिन्ह सिंह शीर्ष *अशोक स्तंभ* निर्माण किया गया। उसके नीचे *सत्यमेव जयते* लिखा हुआ है।
हमारे देश में *'भारत रत्न'* सबसे बड़ा पुरस्कार है।
☸ *16 :गुप्त मतदान*
मतदान की सवैधानिक प्रक्रिया गुप्त मतदान से की जाती है, जो भिक्खु संघ में उनके संघनायक के चुनाव के अनुकूल श्लाका (वोट) के द्वारा चुनने के समान है।
☸ *17 : विदेशी राष्ट्राध्यक्षों- अतिथियों का सम्मान प्रतीक उपहार भी अधिकतर बुद्ध प्रतिमा/फोटो देकर की जाती है।* अधिकतर राष्ट्राध्यक्ष-अतिथि बोध गया, सारनाथ, कुशीनगर जरूर जाकर बुद्ध को नमन करते हैं।
इत्यादि.................
*☸ भवतु सब्ब मंगलम ☸*
*||| नमो बुद्धाय |||*
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☸ *1 : भारतीय संविधान*
संपूर्ण प्राणी जगत में प्राचीन भारत को स्वर्णिम भारत, सोने की चिड़िया, अखंड भारत, विश्व विजयी, विश्व गुरु, एशिया का प्रकाश, प्रबुद्ध, सत्य, अहिंसा, शांति, करुणा, दया, बंधुत्व इत्यादि से खुशहाल केवल तथागत बुद्ध, चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य, चक्रवर्ती धम्म सम्राट प्रियदर्शी अशोक महान से ही जाना जाता है। इस अद्वितीय, गौरवशाली, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक, समतामूलक एवं मानवीय लोक-कल्याणकारी अशोक धम्म शासन/गणराज्य को बाबा साहेब और संसद ने *स्वतंत्र भारत के संविधान के Preamble* में ही पूर्ण रूप से समावेशित कर आदर्श बौद्ध धम्म राष्ट्र के महत्व का देश एवं दुनियां को स्पस्ट लिखित संदेश दे दिया है।
जो इस प्रकार है:-
☸ *2: राष्ट्रपति के सिंहासन के शीर्ष पर "धम्मचक्कपवत्तनाय" का अंकित होना।*
देश का सर्वोच्च पद राष्ट्रपति का होता है। जिस सिहांसन पर राष्ट्रपति के आसीन होने पर सुशोभित होता है। बुद्ध की गरिमा को ध्यान में रखते हुए *'राष्ट्रपति सिंहासन'* से भी ऊपर भगवान बुद्ध के मुख से लोक कल्याण के लिए सारनाथ उत्तर प्रदेश में निकला प्रथम उपदेश *"धम्मचक्कपवत्तनाय"* को अंकित किया गया है। जो बौद्ध धम्म के सम्मान का सूचक है। स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति स्वयं तथागत बुद्ध के मानवीय धम्म का ही शपथ लेकर पदासीन हुए थे।
☸ *3: सम्राट अशोक हाल*
राष्ट्रपति भवन के अन्दर अशोक हाल है। जहां पर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायधीश, अन्य मंत्री गण इत्यादि का शपथ समारोह होता है। दूसरे देशों से आने वाले राजा-महाराजाओं का स्वागत-सम्मान भी इसी हाल में किया जाता है।
☸ *4 : बुद्ध प्रतिमाएं*
राष्ट्रपति भवन के अन्दर दो विशाल बुद्ध प्रतिमाऐं अशोक हाल में स्थापित हैं। जिनमें एक कुषाण काल की बुद्ध प्रतिमा है। जो बौद्ध सम्राट कनिष्क द्वारा बनवायी गयी थी।
दूसरी प्रतिमा सन 1962 में चीन द्वारा भेंट की गयी थी। जो चीन-भारत मैत्री समझौता में भारत को प्रदान की गयी थी।
☸ *5: धम्मचक्र एवं पाली भाषा*
राष्ट्रपति भवन में दीवारों पर धम्म चक्र और पाली भाषा अंकित है।
☸ *6: संसद भवन को बौद्ध कला से साज-सज्जित*
दिल्ली के संसद भवन सह ऊपरी गुम्मबद सांची स्तूप जैसा निर्मित किया गया। सांची स्तूप सम्राट अशोक ने अपनी पत्नी के लिए बुद्ध वंदना के लिए बनाये थे।
☸ *7: राष्ट्रपति भवन, सर्वोच्च न्यायालय, संसद भवन, इंडिया गेट* इत्यादि का ऊपरी गुम्बद सम्राट अशोक निर्मित सांची के स्तूप के आकार में बना है।
☸ *8 : राष्ट्रीय ध्वज*
भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा तीन पट्टियों जिसमें पहला रंग केसरिया, दूसरा सफेद और तीसरा हरा रंग द्वारा 2×3 आकार में निर्मित हैं। सफेद पट्टी के बीचों-बीच में *बुद्ध के 24 तिल्लियों वाला धम्म चक्र को नीले रंग से अंकित किया गया है। सफेद रंग शान्ति और 24 तीलियों वाला "अशोक चक्र" बौद्ध धम्म की शिक्षाओं का प्रतीक है, जो तथागत बुद्ध का प्रतीक है।*
☸ *9: राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ*
देश की *राष्ट्रीय मुद्रा* में बौद्ध संस्क्रति के प्रतीक चार मुंह वाले राष्ट्रीय चिन्ह *'सिंह शीर्ष'* को सारनाथ सिंह स्तम्भ से लिया गया है। *"सत्यमेव जयते"* जो सम्राट अशोक का राज चिन्ह पर अंकित था।
*सरकारी कागजात/दस्तावेज :-*
हर सरकारी न्यायिक और गैर न्यायिक दस्तावेजों-कागजातों पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में बौद्ध संस्कृति के प्रतीक चिन्ह *"अशोक स्तंभ' और धम्म चक्र"* ही अंकित होता है।
☸ *10 : सर्वोत्तम पुरस्कार भारत रत्न व वीरता का राष्ट्रीय सर्वोत्तम अशोक चक्र पुरस्कार*
भारत का सर्वोत्तम पुरस्कार *भारत रत्न* पर सोने के पीपल की पत्ती और चक्र तथा वीरता का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार सैनिकों को सोने का *अशोक चक्र* का प्रतीक चिन्ह ही दिया जाता है।
☸ *11 : अशोक राजपथ*
दिल्ली में राष्ट्रपति भवन व संसद भवन का मुख्य मार्ग अर्थात भारत के राजपथ का नाम *अशोक राजपथ* ही है। जहाँ प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को राजकीय परेड होती है।
☸ *12 : भारत का राष्ट्रीय पशु शेर, पक्षी मोर इत्यादि बौद्ध धर्म/धम्म एवं मौर्य वंशी सम्राटों का ही प्रतीक है।*
☸ *13 : संवैधानिक लोकतांत्रिक/गणतांत्रिक संसदीय शासन व्यवस्था*
भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। आजाद भारत के संविधान का निर्माण पंचशील के सिद्धान्तों पर और भिक्खुओं के संघ जीवन जीने के नियमों को ही धाराओं के नाम से कानूनी पावर देकर दर्शाया गया है। आज देश की राजनैतिक व्यवस्था भारतीय संविधान से चलती है। यहां का शासन-प्रशासन बौद्धों की लोकतांत्रिक गणराज्य शासन प्रणाली के अनुसार ही किया जाता है। बौद्ध राजा-महाराजाओं द्वारा सुचारू रुप से कार्यान्वित थी। *बाबा साहेब डा. बी.आर. अम्बेडकर ने चक्रवर्ती सम्राट अशोक के कल्याणकारी शासन को पुन:स्थापित करने के लिए मनुस्मृति के स्थान पर 26 जनवरी 1950 ई में संवैधानिक राष्ट्रीय प्रतीक धम्म सम्राट अशोक के लोक-कल्याणकारी गणराज्य को ही लागू किए/कराए। जिसका अनुपालन आज भी जारी है और रहेगा।*
☸ *14: पुरातत्व विभाग*
भारत सरकार के इस विभाग द्वारा सम्पूर्ण भारत के अनगिनत स्थानों से बौद्ध अवशेष, धम्म सम्राट अशोक महान इत्यादि के सिक्के, मुहर, स्तंभ एवं बौद्ध शिलालेख प्राप्त हुए हैं। आज भी बौद्ध राष्ट्र होने के अनेकों प्रमाण प्राप्त होते रहते हैं ।
☸ *15 : सर्वोच्च भारतीय पदक भारत रत्न*
🔹संविधान सभा में सर्वसम्मिति से भारत के सर्वोच्च पदक भारत रत्न के स्वरूप का खाका तैयार किया गया। भारत रत्न के स्वरूप में *बोधिवृक्ष के पत्ते के एक तरफ 32 तिल्लियों वाला धम्म चक्र* स्थापित है, जो भगवान बुद्ध के 32 लक्षणों का प्रतीक है।
तो
🔹दूसरी तरफ धम्म सम्राट अशोक महान का चिन्ह सिंह शीर्ष *अशोक स्तंभ* निर्माण किया गया। उसके नीचे *सत्यमेव जयते* लिखा हुआ है।
हमारे देश में *'भारत रत्न'* सबसे बड़ा पुरस्कार है।
☸ *16 :गुप्त मतदान*
मतदान की सवैधानिक प्रक्रिया गुप्त मतदान से की जाती है, जो भिक्खु संघ में उनके संघनायक के चुनाव के अनुकूल श्लाका (वोट) के द्वारा चुनने के समान है।
☸ *17 : विदेशी राष्ट्राध्यक्षों- अतिथियों का सम्मान प्रतीक उपहार भी अधिकतर बुद्ध प्रतिमा/फोटो देकर की जाती है।* अधिकतर राष्ट्राध्यक्ष-अतिथि बोध गया, सारनाथ, कुशीनगर जरूर जाकर बुद्ध को नमन करते हैं।
इत्यादि.................
*☸ भवतु सब्ब मंगलम ☸*
*||| नमो बुद्धाय |||*
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