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बौध्द राष्ट्र भारत

☸🇮🇳 *भारत एक बौद्ध राष्ट्र* 🇮🇳☸ ====== *|||563|||* ======     ☸ *1 : भारतीय संविधान* संपूर्ण प्राणी जगत में प्राचीन भारत को स्वर्णिम भारत, सोने की चिड़िया, अखंड भारत, विश्व विजयी, विश्व गुरु, एशिया का प्रकाश, प्रबुद्ध, सत्य, अहिंसा, शांति, करुणा, दया, बंधुत्व इत्यादि से खुशहाल केवल तथागत बुद्ध, चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य, चक्रवर्ती धम्म सम्राट प्रियदर्शी अशोक महान से ही जाना जाता है। इस अद्वितीय, गौरवशाली, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक, समतामूलक एवं मानवीय लोक-कल्याणकारी अशोक धम्म शासन/गणराज्य को बाबा साहेब और संसद ने *स्वतंत्र भारत के संविधान के Preamble* में ही पूर्ण रूप से समावेशित कर आदर्श बौद्ध धम्म राष्ट्र के महत्व का देश एवं दुनियां को स्पस्ट लिखित संदेश दे दिया है। जो इस प्रकार है:-  ☸ *2: राष्ट्रपति के सिंहासन के शीर्ष पर "धम्मचक्कपवत्तनाय" का अंकित होना।* देश का सर्वोच्च पद राष्ट्रपति का होता है। जिस सिहांसन पर राष्ट्रपति के आसीन होने पर सुशोभित होता है। बुद्ध की गरिमा को ध्यान में रखते हुए *'राष्ट्रपति सिंहासन'* से भी ऊपर भगवान बुद्ध के मुख से लो...

भारत के राज्य

भारत के राज्य व  स्थापना वर्ष  १. अरुणाचल  प्रदेश   -  २०  फरवरी  1987  २. असम   -  26   जनवरी 1950  ३. आंध्रप्रदेश   -  01  नवम्बर 1956  ४. ओडिसा  -   01 अपैल  1936  ५. उत्तर प्रदेश  -    26   जनवरी 1950 ६. उत्तराखंड  - 09 नवम्बर 2000  ७.  कर्नाटक -    01  नवम्बर 1956 ८. केरल -    01  नवम्बर 1956 ९. गुजरात  -   01  मई 1960  १०. गोवा  -  30 मई 1987  ११. छत्तीसगढ़  -   0 1  नवम्बर 2000 १२. जम्मू और  कश्मीर  -    26   जनवरी 1950 १३. झारखंड  -  15 नवम्बर 2000  १४. तमिलनाडु  -   26   जनवरी 1950 १५. तेलंगना  -  02 जून 2014  १६. तिरपुरा  -   21  जनवरी 1972  १७....

पर्वो की विशेषता

मूलनिवासी पर्व (1) गुरु पूर्णिमा :- गौतम बुद्ध ने आषाढ़ पूर्णिमा के दिन सारनाथ में प्रथम बार पांच परिज्रावको को दीक्षा दी थी। ये दिन बौद्धों के जीवन में गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता था। बौद्ध धर्म समाप्त करने के बाद ब्राह्मण धर्म के ठेकेदारो ने इस पर कब्ज़ा किया। (2) कुम्भ मेला :- कुम्भ का मेला बौद्ध सम्राट हर्षवर्धन ने शुरू करवाया था जिसका उद्देश्य बुद्ध की विचारधारा को फैलाना था। इस मेले में दूर दूर से बौद्ध भिक्षु, श्रमण,राजा,प्रजा, सैनिक भाग लेते थे। बौद्ध धर्म समाप्त करने के पश्चात ब्राह्मणों ने इसको अपने धर्म में  लेकर अन्धविश्वास घुसा दिया। (3) चार धाम यात्रा :- बौद्ध धर्म में चार धामों का विशेष महत्त्व था। ब्राह्मणों ने बौद्ध धर्म के चार धामो को अपने काल्पनिक देवी-देवताओ के मंदिरो में बदल दिया और अपने धर्म से जोड़ दिया। (4) जातक कथाएँ :-  जातक कथाये बौद्ध धर्म में विशेष महत्त्व रखती है। इन कथाओ द्वारा बौद्धिस्ट की दस परमिताओं को समझाया जाता था। कुछ कथाये गौतम बुद्ध काल की और कुछ बाद की लिखी गयी है। बौद्ध धर्म समाप्त करने के पश्चात ब्राह्मणों ने इन कथाओ क...

सत्य व अर्धसत्य

आइये समाज में फैले कुछ षड्यंत्रों पर प्रकाश डालें :- अर्धसत्य ---फलां फलां तेल में कोलेस्ट्रोल नहीं होता है! पूर्णसत्य --- किसी भी तेल में कोलेस्ट्रोल नहीं होता ये केवल यकृत में बनता है । ✅ अर्धसत्य ---सोयाबीन में भरपूर प्रोटीन होता है ! पूर्णसत्य---सोयाबीन सूअर का आहार है मनुष्य के खाने लायक नहीं है! भारत में अन्न की कमी नहीं है, इसे सूअर आसानी से पचा सकता है, मनुष्य नही ! जिन देशों में 8 -9 महीने ठण्ड रहती है वहां सोयाबीन जैसे आहार चलते है । ✅ अर्धसत्य---घी पचने में भारी होता है पूर्णसत्य---बुढ़ापे में मस्तिष्क, आँतों और संधियों (joints) में रूखापन आने लगता है, इसलिए घी खाना बहुत जरुरी होता है !और भारत में घी का अर्थ देशी गाय के घी से ही होता है । ✅ अर्धसत्य---घी खाने से मोटापा बढ़ता है ! पूर्णसत्य---(षड्यंत्र प्रचार ) ताकि लोग घी खाना बंद कर दें और अधिक से अधिक गाय मांस की मंडियों तक पहुंचे, जो व्यक्ति पहले पतला हो और बाद में मोटा हो जाये वह घी खाने से पतला हो जाता है✅ अर्धसत्य---घी ह्रदय के लिए हानिकारक है ! पूर्णसत्य---देशी गाय का घी हृदय के लिए अमृत है,  पं...

असम्भव बीमारी का पूर्ण इलाज

कैंसर का  १०० प्रतिशत इलाज संभव  पपीते के पत्तो से बनी चाय किसी  भी स्टेज के कैंसर को सिर्फ ६० से ९० दिनों में जड़ से ख़त्म कर देगी  अभी तक लोगो ने केवल पपीते के पत्तो को बहुत ही सीमीत तरीके से उपयोग किया होगा जसे प्लेटलेट्स के कम होने पर या त्वचा संबंधी रोग हो जाने पर इसका उयपयोग किया  है. परन्तु पपीता यही तक सीमीत नहीं है इसके गुण और भी बहुत कुछ है.  पपीता प्राकृतिक शक्तियों से भरपूर है पपीता के सभी भागों फल, ताना , बीज, पत्तियां, जड़ , सभी के अंदर कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसकी ब्रद्धी को रोकने का गुण बहुतायत पाया गया।    UNIVERSITY OF FLORIDA AND International Doctors And Researchers From US and Japan में हुए शोधो से पता चला है की पपीते के पत्तो में कैंसर की कोशिका  को नष्ट करने की छमता पाई जाती है . Nam Dang MD, Phd जो की एक शोध कर्ता हैं के अनुसार पपीता की पत्तियों से लगभग १० प्रकार का कैंसर समाप्त हो सकता है उनमे से  कुछ निम्न हैं  1. Breast cancer 2. Lung cancer 3. Liver cancer 4. Pancreatic...

संविधान से पहले कैसे थे पूर्वज

संविधान से पहले पूर्वज  हिन्दू का चोला पहने अंधेरे में जीने वाले इसे पढ़ो सायद ज़मीर जाग जाय आओ जाने और समझे, संविधान से पहले हमारे बाप दादा और हमारी पीढियां कहाँ, कैसे और किन हालातों में रहते थे = = = = = = = = = = = = = = = = 1 हम लोग कच्चे घरों में, तम्बूओं में, झोपडियो में अमीरों की हदों से हट कर गांव से बाहर तालाब किनारे रहते थे। 2 धर्म प्रथा, जाति प्रथा, सति प्रथा, छूत प्रथा, रीति रिवाज, संस्कृति, परंपराओं और अमीरों के अपने ही बनाए गए कायदे कानून के तहत हम गुलाम थे 3 अच्छा खाना, अच्छा पहनना, बडे लोगों की बराबरी करना, अपने हक के लिए लडना, और पढाई करने का हमें कोई भी हक नहीं था। 4 : हमारे वैद्य ( डाक्टर ),धर्म गुरु और हमारी पंचायतें भी अलग होती थी। 5 अमीर - गरीब, छोटे - बडे, ऊंच - नीच , और जातिवाद की दीवारें होती थी। 6 हम औरों के टुकडों पर पलने वाले थे। 7 हमारा अपना कुछ भी वजूद नहीं था। 8 समाज में हमारा आदर, मान , सम्मान,इज्जत, नाम और पहचान कुछ भी नहीं था। 9 हमें मनहूस समझा जाता था। 10 हमारी औरतों से मनचाही मनमानी और बदसलूकीया की जाती थी। 11 हमें गुलाम बना कर ख...

नाथू राम के विषय में विशेष

ऐसे 'बहादुर’, 'चरित्रवान’ और 'देशभक्त’ थे गांधी के हत्यारे नाथूराम एक टपोरी किस्म का व्यक्ति था जिसे कतिपय हिंदू उग्रवादियों ने गांधी की हत्या के लिए भाडे पर रखा हुआ था। जेल में उसकी चिकित्सा रपटों से पता चलता है कि उसका मस्तिष्क अधसीसी के रोग से ग्रस्त था...       महात्मा गांधी के हत्यारे गिरोह के सरगना नाथूराम गोडसे को महिमामंडित करने के जो प्रयास इन दिनों किए जा रहे हैं, वे नए नहीं हैं। गोडसे का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बताया जाता रहा है और इसीलिए गांधीजी की हत्या के बाद देश के तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने संघ पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि संघ गोडसे से अपने संबंधों को हमेशा नकारता रहा है और अपनी इस सफाई को पुख्ता करने के लिए वह गोडसे को गांधी का हत्यारा भी मानता है और उसके कृत्य को निंदनीय करार भी देता है। लेकिन सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के सत्तारूढ होने के बाद ही गोडसे को महिमामंडित करने का सिलसिला तेज हो गया? इस सिलसिले में एकाएक उसका मंदिर बनाने के प्रयास शुरू हो गए। उसकी 'जयंती’ और...

४० की उम्र अवस्य पढ़े

*ये उम्र चालीस की बड़ी अजीब होती है...!* न बीस का ज़ोश, न साठ की समझ, ये हर तरफ से गरीब होती है। *ये उम्र चालीस की बड़ी अजीब होती है...!* सफेदी बालों से झांकने लगती है, तेज़ दौड़ो तो सांस हाँफने लगती है। टूटे ख़्वाब, अधूरी ख़्वाहिशें, सब मुँह तुम्हारा ताकने लगती है। ख़ुशी बस इस बात की होती है, की ये उम्र सबको नसीब होती है। *ये उम्र चालीस की बड़ी अजीब होती है...* न कोई हसीना मुस्कुराके देखती है, ना ही नजरों के तीर फेंकती है, और आँख लड़ भी जाये जो गलती से, तो ये उम्र तुम्हें दायरे में रखती है। कदर नहीं थी जिसकी जवानी  में, वो पत्नी अब बड़ी करीब होती है *ये उम्र चालीस की बड़ी अजीब होती है...!* वैसे, नज़रिया बदलो तो शुरू से शुरवात हो सकती है, आधी तो अच्छी गुज़री है, आधी और बेहतर गुज़र सकती है। थोड़ा बालों को काला और दिल को हरा कर लो, अधूरी ख्वाहिशों से  कोई समझौता कर लो। ज़िन्दगी तो चलेगी अपनी रफ़्तार से, तुम बस अपनी रफ़्तार काबू में कर लो। फिर देखिए ये कितनी खुशनसीब होती है .. *ये उम्र चालीस की बड़ी अजीब होती है...!* *40 की उम्र के समीप (आस- पास) पहुचे सभी म...

बौद्ध परम्परा के अनुसार चतुर्मास /वर्षावास

चतुर्मास /वर्षावास                 ------------------------------------------------  वर्षावास जिसे पाली भाषा में वस्सावास कहा जाता है। वर्षावास का अभिप्राय किसी एक स्थान पर वास करना या निवास करना होता है । बौद्ध परंपरा में आषाढ़ मास की पूर्णमासी से वर्षावास प्रारंभ होता है और आश्विन मास की पूर्णमासी को समाप्त होता है । यह वर्षावास 4 माह का होता है । इसलिए इसे चतुर्मास भी कहते हैं । इस दौरान बौद्ध भिक्षु किसी एक बुद्ध विहार में रहकर अध्ययन करते हैं, ध्यान साधना करते हैं , ज्ञान अर्जन करते हैं , फिर पुनः वर्ष के शेष महीनों में भ्रमण या चारिका करने निकल पडते हैं। 1. आषाढ मास की पूर्णिमा को सिद्धार्थ गौतम मानवता के कल्याण के लिए गृहत्याग किए थे , जिसे महाभिनिष्क्रमण कहा जाता है। इसी दिन बोधगया में बुद्धत्व प्राप्ति के उपरांत सारनाथ/ इसीपत्तन में पंचवग्गीय भिक्षुओं को प्रथम बार धर्म उपदेश दिया था। पहला ज्ञान दिया था । इसलिए इसे धम्मचक्क पवत्तन कहा जाता है। 2. सावन मास की पूर्णमासी को बौद्ध धर्म परिषद द्वारा मगध नरेश बिंबसार के पुत्र अजातशत्रु...

रक्षाबंधन

🌸🌸🌸🌸🌸 *सच रक्षाबंधन का* *अपना तर्क लगायें.* *इतिहास को जाने.* *नया इतिहास रचें.* 🍃🍃🍃🍃🍃 *रक्षाबंधन* भाई-बहन का त्योहार नहीं है. क्या हिंदुओं में ही भाई-बहन होते हैं. सिक्ख, मुसलमानों, ईसाईयों, जैन, पारसियों या बौद्धों में भाई-बहन नहीं होते! यदि यह त्यौहार भाई-बहनों का त्यौहार होता तो सिक्ख, मुसलमान, ईसाई, जैन पारसी या बौद्ध भाई-बहन भी इसे मनाते, *वर्ण व्यवस्था* के अनुसार यह ब्राह्मणों का त्योहार है। इतिहास काल से अब तक ब्राह्मणों द्वारा क्षत्रियों को रक्षा सूत्र बांधा जाता रहा है उन्हे ब्राह्मणों की रक्षा की शपथ दिलाई जाती रही है। *”धर्मशास्त्र का इतिहास”* नामक पुस्तक के चौथेखण्ड के पृष्ठ १२४ में *भारत रत्न पी वी काणे (पांडुरंग वामनराव काणे)* लिखते है “आज ब्राम्हण शूद्र के घरों मे जाकर उन्हें तथा कथित रक्षा सूत्र (जो वास्तव मे बंधक सूत्र है) बाँधते हुये देखे जा सकते हैं और वह रक्षा सूत्र बांधते है तो संस्कृत का श्लोक भी पढ़ते है।मन्त्र:- *“येन बध्दो, दानेन्द्रो बलि राजा महाबल:।* *तेन त्वाम प्रति बधनामिअहम रक्षे माचल, माचल, माचल।।* अर्थात जिस प्रकार तुम्हारे दान...

मौत का कारण बन सकता है सेब

स्वास्थ्य इंसान के मौत का कारण बन सकता है सेब, तो हो जाइए सावधान इंग्लिश में एक कहावत बहुत ही मशहूर है। 'An Apple a day keeps doctor away' इसका मतलब है रोजाना एक सेब खाने से आपको डॉक्टर की जरूरत कभी नहीं होगी। लेकिन अगर हम आपको कहे कि यही सेब आपकी मौत का कारण भी बन सकता है तो? जी हां सेब भी आपकी मौत का कारण बन सकती है। दरअसल, सेब के बीज में एक जहरीला तत्व पायया जाता है कि जिसका नाम है एमिगडलिन। अगर एमिगडलिन किसी भी इंसान के पाचन एन्जाइम के संपर्क में आता है तो ये सायनाइड रिलीज करने लगता है। प्राकृतिक तौर पर बीजों की कोटिंग काफी हार्ड होती है जिसे तोड़ पाना आसान नहीं है। एमिगडलिन में सायनाइड और चीनी होता है और जब इसे हमारा शरीर निगल लेता है तो वह हाईड्रोजन सायनाइड में तब्दील हो जाता है। श्रीदेवी की हालिया रिलीज हुई फिल्म मॉम में एक सीन है जहां श्रीदेवी अपनी बेटी का रेप करने वाले अपराधियों से बदला ले रही है। उन अपराधियों में से एक को वो सेब के बीजों से मार डालती है। आपने बिल्कुल सही पढ़ा, सेब के बीजों से मार डालती है। सेब को दुनिया के सबसे सेहतमंद फलों में से एक माना जात...

शयन विधान

💐 *शयन विधान*💐 *सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घंटे) के बाद ही शयन करना।* *सोने की मुद्रा:*            *उल्टा सोये भोगी,*            *सीधा सोये योगी,*            *डाबा सोये निरोगी,*            *जीमना सोये रोगी।* *शास्त्रीय विधान भी है।* *आयुर्वेद में ‘वामकुक्षि’ की बात आती हैं,* *बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये हितकर हैं।* *शरीर विज्ञान के अनुसार चित सोने से रीढ़ की हड्डी को नुकसान और औधा या ऊल्टा सोने से आँखे बिगडती है।* *सोते समय कितने गायत्री मंन्त्र /नवकार मंन्त्र गिने जाए :-* *"सूतां सात, उठता आठ”सोते वक्त सात भय को दूर करने के लिए सात मंन्त्र गिनें और उठते वक्त आठ कर्मो को दूर करने के लिए आठ मंन्त्र गिनें।* *"सात भय:-"* *इहलोक,परलोक,आदान,* *अकस्मात ,वेदना,मरण ,* *अश्लोक (भय)* *शयन के लिए दिशा ज्ञान :-* *दक्षिणदिशा (South) में पाँव रखकर कभी सोना नहीं । यम और दुष्टदेवों का निवास है ।कान में हवा भरती है । मस्तिष्क  में रक्त का संच...

मंत्रोचारण

*रामचरितमानस* की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे _ आप के जीवन को सुखमय बना देगे। *1. रक्षा के लिए*_ मामभिरक्षक रघुकुल नायक | घृत वर चाप रुचिर कर सायक || *2. विपत्ति दूर करने के लिए*_ राजिव नयन धरे धनु सायक | भक्त विपत्ति भंजन सुखदायक || *3. *सहायता के लिए*_ मोरे हित हरि सम नहि कोऊ | एहि अवसर सहाय सोई होऊ || *4*. *सब काम बनाने के लिए*_ वंदौ बाल रुप सोई रामू | सब सिधि सुलभ जपत जोहि नामू || *5*. *वश मे करने के लिए*_ सुमिर पवन सुत पावन नामू | अपने वश कर राखे राम || *6*. *संकट से बचने के लिए*_ दीन दयालु विरद संभारी | हरहु नाथ मम संकट भारी || *7*. *विघ्न विनाश के लिए*_ सकल विघ्न व्यापहि नहि तेही | राम सुकृपा बिलोकहि जेहि || *8*. *रोग विनाश के लिए*_ राम कृपा नाशहि सव रोगा | जो यहि भाँति बनहि संयोगा || *9. ज्वार ताप दूर करने के लिए*_ दैहिक दैविक भोतिक तापा | राम राज्य नहि काहुहि व्यापा || *10. दुःख नाश के लिए*_ राम भक्ति मणि उस बस जाके | दुःख ल...

हिंदुत्व के शिकार

हिंदुत्व क्या है?? हिन्दू होकर भी हिन्दू, हिन्दू को अपनी बेटी नहीं देता है. हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू को अपनी थाली में रोटी नहीं देता है. हिन्दू होकर भी हिन्दू, हिन्दू को मान नहीं देता, सम्मान नहीं देता, हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू के अधिकार छीन लेता है. हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू गरीबों का पेट काट लेता है. हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू के बच्चों से स्कूल-कालेजों में भेदभाव करता है. हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू को ही शासन-सत्ता में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता है. हिन्दू होकर, हिन्दू, हिन्दू के ही बाल-बच्चो का गला काट देता है. 〰〰〰 जो देवी देवताओं को पूजते हैं, ध्यान दें और जवाब दें । 1.एक भी ऐसे अछूत व्यक्ति का नाम बताएं जिसका भला किसी " देवी देवता " अथवा "भगवान " ने किया हो ? 2 ." संविधान " लागू होने से पहले किसी एक व्यक्ति को नौकरी दिलवाने वाले किसी देवता का नाम बताये ? 3. किसी भी ऐसे देवता का नाम बताएं जिसने " जाति - व्यवस्था "के खिलाफ संघर्ष किया हो ? किसी भी ऐसे देवता का नाम बताये जिसने जाति के कारण अपमानित होते हुए किसी अछूत क...

GST पर जोक

जाकी रही भावना,वैसी बनी GST की धारणा.. सरकारी धारणा G -Goods & S -Services, T-Tax मोदी जी  G- Good &  S-Simple,  T-Tax विपक्ष G- गई S- सरकार T- तेरी कर सलाहकार G-गये S- सारे T- टेक्स काले धन वाले G- गई S- सारी T-तिकडम मनचले G- गर्ल्स S- सेल्फी T-टेक्स सन्यासी G-घर S- संसार T- त्यागो गाँव के स्कूल का बच्चा G-Govt S-School T-Teacher आम आदमी G- Good Night S- Sweet Dream T- Take Care. सोना व्यापारी G- गलत S- सारे T- टेक्स पत्नी अपने पति से G-गलती S-सारी T- तुम्हारी 😜😜😜😜😜😜

धर्म ग्रन्थ

धर्म  ग्रंथो की  थोड़ी सी सच्चाई। 1 - यह जो ब्राम्हण, क्षेत्रीय, वैश्य व शूद्र जो विभाजन है वह मेरा द्वारा ही रचा गया है। - गीता 4-13 2 - मेरी शरण में आकर स्त्री ,वेश्य , शूद्र भी जिन कि उत्त्पति पाप योनि से हुइ है  परम  गति को प्राप्त हो जाते है। भगवत गीता 9-32 3 - शूद्र का प्रमुख कार्य तीनो वर्णो की सेवा करना है। - महाभारत  4/50/6 4 - शूद्र को सन्चित धन से स्वामी कि रक्षा करनी चाहिये। -  महाभारत 12/60/36 5 - शूद्र तपस्या करे तो राज्य निर्धनता में डूब जायेगा। - वाo .रामायण 7/30/74 6- ढोल .गवार .शूद् पशु नारी  |  सकल ताड़ना के अधिकारी || - रामचरित मानस 59/5 7- पूजिये विप्र सील गुन हीना, शूद्र न गुण गन ग्यान प्रविना। -रामचरितमानस 63-1 8- वह शूद्र जो ब्राम्हण के चरणो का धोवन पीता है राजा उससे कर TAX न ले। - आपस्तंबधर्म सूत्र 1/2/5/16 9 - जिस गाय का दूध अग्निहोत्र के काम आवे शूद्र उसे न छुये।  कथक सन्हिता 3/1/2 10- शूद्र केवल दूसरो का सेवक है इसके अतिरिक्त उसका कोइ अधिकार  नही है। - एतरेय ब्राम्हण 2/29/4 11- यदि कोइ ब्राम्हण शूद्र को शिक्षा...

सम्पन्न कौन?

पुरानी साड़ियों के बदले बर्तनों के लिए मोल भाव करती सम्पन्न घर की महिला ने अंततः दो साड़ियों के बदले एक टब पसंद किया। "नही दीदी, बदले में तीन साड़ियों से कम तो नही लूँगा।" बर्तन वाले ने टब को वापस अपने हाथ में लेते हुए कहा। "अरे भैया, एक एक बार की पहनी हुई तो हैं..बिल्कुल नये जैसी। एक टब के बदले में तो ये दो भी ज्यादा हैं, मैं तो फिर भी दे रही हूँ।" "नही नही, तीन से कम में तो नही हो पायेगा।" वह फिर बोला। एक दूसरे को अपनी पसंद के सौदे पर मनाने की इस प्रक्रिया के दौरान गृह स्वामिनी को घर के खुले दरवाजे पर देखकर सहसा गली से गुजरती अर्द्धविक्षिप्त महिला ने वहाँ आकर खाना माँगा। आदतन हिकारत से उठी महिला की नजरें उस महिला के कपड़ो पर गयी। अलग अलग कतरनों को गाँठ बाँध कर बनायी गयी उसकी साड़ी उसके युवा शरीर को ढँकने का असफल प्रयास कर रही थी। एकबारगी उसने मुँह बिचकाया पर सुबह सुबह का याचक है सोचकर अंदर से रात की बची रोटियां मंगवायी। उसे रोटी देकर पलटते हुए उसने बर्तन वाले से कहा "तो भैय्या क्या सोचा ? दो साड़ियों में दे रहे हो या मैं वापस रख लूँ !"...

तुलसी के गुण

तुलसी एक आयुर्वेदिक औषधि है। इसके गुणों को ध्यान पूर्वक पढ़ें। TULSI ELIX-R (एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि) तुलसी मुख्य रूप से पांच प्रकार की पायी जाती है ! श्याम तुलसी, राम तुलसी, श्वेत तुलसी, वन तुलसी, और नींबू तुलसी ! इन पांच प्रकार की तुलसी का अर्क विधि द्वारा अर्क निकाल कर ELIX-R तुलसी का निर्माण किया गया है । यह संसार की एक बेहतरीन एंटी-ऑक्सीडेंट , एंटी- बैक्टीरियल, एंटी- वायरल , एंटी- फ्लू, एंटी- बायोटिक , एंटी-इफ्लेमेन्ट्री व एंटी - डिजीज है. 1- ELIX-R तुलसी अर्क के एक बून्द एक ग्लास पानी में या 3 से 4 बून्द एक लीटर पानी में डाल कर पांच मिनट के बाद उस जल को पीना चाहिए। इससे पेयजल विषाणुओं और रोगाणुओ से मुक्त होकर स्वास्थ्यवर्धक पेय हो जाता है । 2- ELIX-R तुलसी अर्क २०० से अधिक रोगो में लाभदायक है. जैसे के फ्लू , स्वाइन फ्लू, डेंगू , जुखाम , खासी , प्लेग, मलेरिया , जोड़ो का दर्द, मोटापा, ब्लड प्रेशर , शुगर, एलर्जी , पेट के कीड़ो , हेपेटाइटिस , जलन, मूत्र सम्बन्धी रोग, गठिया , दम, मरोड़, बवासीर , अतिसार,आँख का दर्द , दाद खाज खुजली, सर दर्द, पायरिया नकसीर, फेफड़ो सूजन, अल्सर ,...

सावन सोमवार का महत्व

*!! सावन विशेषांक !!* *इस बार भगवान शिव का प्रिय मास सावन में 50 साल बाद विशेष संयोग बन रहा है। खास यह कि सोमवार से इस माह की शुरुआत हो रही और समापन भी सोमवार को ही होगा। यह काफी शुभ फलदायक है। 10 जुलाई से सावन की शुरुआत होगी और 7 अगस्त को रक्षाबंधन यानी सावन पूर्णिमा है।* वर्षों बाद इस बार सावन मास में पांच सोमवार है। खास बात यह कि वैधृति योग के साथ सावन प्रारंभ हो रहा है और आयुष्मान योग के साथ इस मास की समाप्ति। सोमवार, सावन मास, वैधृति योग व आयुष्मान योग सभी के मालिक स्वयं शिव ही हैं। इस लिए इस बार का सावन खास है। पुराणों के अनुसार सावन में भोले शंकर की पूजा, अभिषेक, शिव स्तुति, मंत्र जाप का खास महत्व है। खासकर सोमवार के दिन महादेव की आराधना से शिव और शक्ति दोनों प्रसन्न होते हैं। इनकी कृपा से दैविक, दैहिक और भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। निर्धन को धन और नि:संतान को संतान की प्राप्ति होती है। कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है। बाबा भोले की पूजा से भाग्य पलट सकता है। सावन में सोमवार का है *विशेष महत्व सावन मास में प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व है*। प्रायः सावन में च...

गुरू पर्व

*गुरु ही मीत है*                      *गुरु ही प्रीत है* *गुरु ही जीवन है*                      *गुरु ही प्रकाश है*       *गुरु ही सांस है*                      *गुरु ही आस है* *गुरु ही प्यास हैै*                      *गुरु ही ज्ञान है* *गुरु ही ससांर है*                      *गुरु ही प्यार है* *गुरु ही गीत है*                      *गुरु ही संगीत है* *गुरु ही लहर है*                      *गुरु ही भीतर है* *गुरु ही बाहर है*                      *गुरु ही बहार है* *गुरु ही प्राण है*           ...

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शिक्षा ब्यवस्था

 उत्तर प्रदेश शिक्षा ब्यवस्था जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी की योगी सरकार आयी थी और योगी जी cm बने तो सोचा था शिक्षा विभाग का जो मजाक उडाया जाता था वो कुछ हद तक समाप्त होगा पर मैं गलत था मै भूल गया था कि चेहरे बदलते हैं सरकारें नहीं !! लूटने  ,झूठ बोलने , वेतन /पारीश्रमिक कम देना और कर्मचारियो को  शोषण करने के लिये कल की सरकारें भी अग्रणी थीं और आज की बीजेपी सरकार भी अग्रणी है।। सोचा था मैंने कि प्रदेश को जब नये निजाम मिलेंगे तो up के प्रत्येक  प्राइमरी  विद्यालय को कम से कम प्रत्येक class(कक्षा1,2,3,4,5) को कम से कम पाँच 5 अध्यापक (teacher)(शिक्षक)मिल सकेंगे तथा एक प्रधानाध्यापक जो 5 शिक्षक अपनी अपनी class में अलग अलग केवल शिक्षा का काम  आराम से शिक्षण कार्य में करा सकें !! पर मै यहाँ भी गलत साबित हुआ । इनसे तो बेहतर पूर्व की  सरकार थी जो प्रत्येक विद्यालय मे पर्याप्त शिक्षक पहुँचा देने का दमखम भरती थी । इस समय प्रदेश मे सरप्लस अध्यापक की हवा चल रही है , क्या परिभाषा है आपके सरप्लस की......आपके अनुसार सरप्लस तब है जब मेरे विद्यालय मे 88 बच्चे हैं और शि...

क्रांति और आंदोलन

इतिहास की विशेष जानकारी अंग्रेजों ने भारत पर 150 वर्षों तक राज किया ब्राह्मणों ने उनको भगाने का हथियार बन्द आंदोलन क्यों चलाया?  जबकि भारत पर सबसे पहले हमला मुस्लिम शासक मीर काशीम ने 712 ई. किया! उसके बाद महमूद गजनबी, मोहमंद गौरी,चन्गेज खान ने हमला किये और फिर कुतुबदीन एबक, गुलाम वंश, तुग्लक वंश, खिल्जीवंश, लोदि वंश फिर मुगल आदी वन्शो ने भारत पर राज किया और खूब अत्याचार किये लेकिन ब्राह्मण ने कोइ क्रांति या आंदोलन नही चलाया! फिर अन्ग्रेजो के खिलाफ़ ही क्यो क्रांति कर दी? जानिये क्रांति और आंदोलन की वजह 1- अंग्रेजो ने 1795 में अधिनयम 11 द्वारा शुद्रों को भी सम्पत्ति रखने का कानून बनाया। 2- 1773 में ईस्ट इंडिया कम्पनी ने रेगुलेटिग एक्ट पास किया जिसमें न्याय व्यवस्था समानता पर आधारित थी। 6 मई 1775  को इसी कानून द्वारा बंगाल के सामन्त ब्राह्मण नन्द कुमार देव को फांसी हुई थी। 3- 1804 अधिनीयम 3 द्वारा कन्या हत्या पर रोक अंग्रेजों नेलगाई (लडकियों के पैदा होते ही तालु में अफीम चिपकाकर, माँ के स्तन पर धतूरे का  लेप लगाकर, एवम् गढ्ढाबनाकर उसमें दूध डालकर डुबो कर मारा ज...

मृत्युभोज

👌🏻मृत्युभोज से ऊर्जा नष्ट होती है महाभारत के अनुशासन पर्व में लिखा है कि ..... मृत्युभोज खाने वाले की ऊर्जा नष्ट हो जाती है। जिस परिवार में मृत्यु जैसी विपदा आई हो उसके साथ इस संकट की घड़ी में जरूर खडे़ हों और तन, मन, धन से सहयोग करें  लेकिन......बारहवीं या तेरहवीं पर मृतक भोज का पुरजोर बहिष्कार करें। महाभारत का युद्ध होने को था,  अतः श्री कृष्ण ने दुर्योधन के घर जा कर युद्ध न करने के लिए संधि करने का आग्रह किया । दुर्योधन द्वारा आग्रह ठुकराए जाने पर श्री कृष्ण को कष्ट हुआ और वह चल पड़े,  तो दुर्योधन द्वारा श्री कृष्ण से भोजन करने के आग्रह पर कृष्ण ने कहा कि 🍁 ’’सम्प्रीति भोज्यानि आपदा भोज्यानि वा पुनैः’’ अर्थात् "जब खिलाने वाले का मन प्रसन्न हो, खाने वाले का मन प्रसन्न हो,  तभी भोजन करना चाहिए। 🍁 लेकिन जब खिलाने वाले एवं खाने वालों के दिल में दर्द हो, वेदना हो, तो ऐसी स्थिति में कदापि भोजन नहीं करना चाहिए।" 🍁 हिन्दू धर्म में मुख्य 16 संस्कार बनाए गए है,  जिसमें प्रथम संस्कार गर्भाधान एवं अन्तिम तथा 16वाँ संस्कार अन...