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जून, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

धम्म प्रभात

🌻धम्म प्रभात🌻 मध्यम मार्ग - सम्यक दृष्टि-सम्मा दिठ्ठि दुःख - निरोध की ओर ले जानेवाला मार्ग अरिय अट्ठंगिको मग्गो - आर्य अष्टांगिक मार्ग "यह जो कामोपभोग का हीन, ग्राम्य, अशिष्ट, अनार्य, अनर्थकर जीवन है और यह जो अपने शरीर को व्यर्थ क्लेश देने का दुःखमय, अनार्य, अनर्थकर जीवन है, इन दोनों सिरे की बातों से बचकर तथागत ने मध्यम मार्ग का ज्ञान प्राप्त किया है जो आँख खोल देनेवाला हैं, ज्ञान करा देनेवाला हैं, शमन के लिए, अभिज्ञा के लिए, बोध के लिए, निर्वाण के लिए होता हैं। वह आर्य अष्टांगिक मार्ग दुःख - निरोध की ओर ले जानेवाला हैं। यह श्रेष्ठ मार्ग का प्रथम अंग हैं - -  सम्यक दृष्टि। तथागत बुद्ध ने कहा - भिक्खुओं !  सम्यक दृष्टि कोन सी होती हैं? भिक्खुओं!  जिस समय आर्य श्रावक दुराचरण को पहचान लेता है, दुराचरण के मूल को पहचान लेता है, सदाचार को पहचान लेता है. सदाचार के मूल कारण को पहचान लेता है, तब उसकी दृष्टि, इस कारण से  सम्यक दृष्टि-सीधी दृष्टि कहलाती हैं। भिक्खुओं!  सदाचरण सम्यक दृष्टि हैं। सदाचरण का मूल कारण लोभ का न होना है। सदाचरण का मूल कारण द्...

सोच नीव के प्रति

 रीढ़ की हड्डी किसानों को अब खेती करना बंद कर देना चाहिए और केवल अपने परिवार के लायक उपजा कर बाकी ज़मीन को पड़त छोड़ देना चाहिए। जो लोग अपने बच्चों को डेढ़ लाख की मोटर साइकल, लाख का मोबाइल लेकर देने में एक बार भी नहीं कहते कि महँगा है, वे लोग किसानों की माँग पर बहस कर रहे है कि दूध और गेहूँ महँगा हो जाएगा। माॅल्स में जाकर अंधाधुंध पैसा उजाड़ने वाले गेंहूँ की कीमत बढ़ जाने से डर रहे हैं। तीन सौ रुपये किलो के भाव से मल्टीप्लैक्स के इंटरवल में पॉपकॉर्न खरीदने वाले मक्का के भाव किसान को तीन रुपये किलो से अधिक न मिलें इस पर बहस कर रहे है। एक बार भी कोई नहीं कह रहा कि मैगी, पास्ता, कॉर्नफ़्लैक्स के दाम बहुत हैं। सबको किसान का क़र्ज़ दिख रहा है और यह कि उस क़र्ज़ की माफी की माँग करके किसान बहुत नाजायज़ माँग कर रहा है। यह जान लीजिए कि किसान क़र्ज़ में आप और हमारे कारण डूबा है। उसकी फसल का उसको वाजिब दाम इसलिए नहीं दिया जाता क्योंकि उससे खाद्यान्न महँगे हो जाएँगे। 1975 में सोने का दाम 500 रुपये प्रति दस ग्राम था और गेंहू का समर्थन मूल्य किसान को मिलता था 100 रुपये। आज चालीस साल बाद गेंहू ...

धर्म और धम्म

बुद्ध केअनुसार *बुध्द कहते हैं- ईश्वर कही भी नही हैं उसे ढूढ़ने में अपना वक़्त और ऊर्जा बर्बाद मत करो ।*    *धर्म और धम्म मे अंतर -*        *धर्म में आप ईश्वर के खिलाफ नही बोल सकते, धर्म ग्रंथो की अवेहलना नही कर सकते, अपनी बुद्धि का प्रयोग नही कर सकते,     जबकि धम्म मे तो स्वयं जाँचने-परखने और अपनी बुद्धि का प्रयोग करने की शिक्षा है।*        *धर्म कहता है कि तेरा भला करने तथाकथित ईश्वर जैसी कोई ताकत आयेगी,*        *जबकि धम्म कहता है- अत्त दीप भवः अर्थात अपन दीपक स्वयं बनो।*  *बुध्द भी कहते है- ना मै मुक्तिदाता हुँ ना मै मोक्षदाता हुँ,मै सिर्फ मार्ग दिखाने वाला हुँ। धम्म अर्थात जीवन जीने का सर्वोतम मानवतावादी आधार ।*        *बहुत से लोग मानते होगे कि धर्म और धम्म एक ही है उन्हे विश्लेषण करने की जरुरत है। धर्म मे जन्म लेना पङता है जबकि धम्म में (शिक्षा) प्राप्त करनी पङती है जिसे कोई भी प्राप्त कर सकता है।*      *बुद्ध ने अपने अनुयाइयोँ से कहा था कि धर्म में ...

कुछ रोचक

कुछ रोचक जानकारी क्या आपको पता है ? 1. 📚 चीनी को जब चोट पर लगाया जाता है, दर्द तुरंत कम हो जाता है... 2. 📚 जरूरत से ज्यादा टेंशन आपके दिमाग को कुछ समय के लिए बंद कर सकती है... 3.📚 92% लोग सिर्फ हस देते हैं जब उन्हे सामने वाले की बात समझ नही आती... 4.📚 बतक अपने आधे दिमाग को सुला सकती हैंजबकि उनका आधा दिमाग जगा रहता.... 5.📚 कोई भी अपने आप को सांस रोककर नही मार सकता... 6.📚 स्टडी के अनुसार : होशियार लोग ज्यादा तर अपने आप से बातें करते हैं... 7.📚 सुबह एक कप चाय की बजाए एक गिलास ठंडा पानी आपकी नींद जल्दी खोल देता है... 8.📚 जुराब पहन कर सोने वाले लोग रात को बहुत कम बार जागते हैं या बिल्कुल नही जागते... 9.📚 फेसबुक बनाने वाले मार्क जुकरबर्ग के पास कोई कालेज डिगरी नही है... 10.📚 आपका दिमाग एक भी चेहरा अपने आप नही बना सकता आप जो भी चेहरे सपनों में देखते हैं वो जिदंगी में कभी ना कभी आपके द्वारा देखे जा चुके होते हैं... 11.📚 अगर कोई आप की तरफ घूर रहा हो तो आप को खुद एहसास हो जाता है चाहे आप नींद में ही क्यों ना हो... 12.📚 दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड 123456 है.....

संतान प्रेम

 परवरिश एक प्रोफेसर अपनी क्लास में कहानी सुना रहे थे– एक बार समुद्र के बीच में एक बड़े जहाज पर बड़ी दुर्घटना हो गयी. कप्तान ने शिप खाली करने का आदेश दिया. जहाज पर एक युवा दम्पति थे. जब लाइफबोट पर चढ़ने का उनका नम्बर आया तो देखा गया नाव पर केवल एक व्यक्ति के लिए ही जगह है. इस मौके पर आदमी ने औरत को धक्का दिया और नाव पर कूद गया. डूबते हुए जहाज पर खड़ी औरत ने जाते हुए अपने पति से चिल्लाकर एक वाक्य कहा. अब प्रोफेसर ने रुककर स्टूडेंट्स से पूछा – तुम लोगों को क्या लगता है, उस स्त्री ने अपने पति से क्या कहा होगा ? ज्यादातर विद्यार्थी फ़ौरन चिल्लाये – स्त्री ने कहा – मैं तुमसे नफरत करती हूँ ! I hate you ! प्रोफेसर ने देखा एक स्टूडेंट एक दम शांत बैठा हुआ था, प्रोफेसर ने उससे पूछा कि तुम बताओ तुम्हे क्या लगता है ? वो लड़का बोला – मुझे लगता है, औरत ने कहा होगा – हमारे बच्चे का ख्याल रखना ! प्रोफेसर को आश्चर्य हुआ, उन्होंने लडके से पूछा – क्या तुमने यह कहानी पहले सुन रखी थी ? लड़का बोला- जी नहीं, लेकिन यही बात बीमारी से मरती हुई मेरी माँ ने मेरे पिता से कही थी. प्रोफेसर ने...

२१ जून विश्व योगा दिवस

योगा दिवस पर स्पेसल *दैनिक योग का अभ्यास - क्रम* *प्रारंभ*      : तीन बार ओ३म्  लंबा उच्चारण करें। *गायत्री - महामंत्र*    : ओ३म् भूर्भुव: स्व:। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि।  धियो यो नः प्रचोदयात्।।  *महामृत्युंजय - मंत्र*    : ओ३म् त्र्यंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम। उर्वारुकमिव बंधनामृत्योर्मुक्षिय माऽमृतात्।। *संकल्प - मंत्र*    : ओ३म् सह नवावतु। सह नोै भुनक्तु। सह वीर्य करवावहै।तेजस्विनावधीतमस्तु।मा विद्विषावहै।। *प्रार्थना - मन्त्र* ओ३म् ॐ असतो मा सद् गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्माऽमृतं गमय।    ओ३म् शान्ति: शान्ति: शान्ति:।। *सहज - व्यायाम     : यौगिक जौगिंग*   (समय- लगभग 5 मिनट) तीन प्रकार की दौड़, तीन तरह की बैठक, चार साइड में झुकना, दो तरह से उछलना, कुल 12 अभ्यास।  सूर्य - नमस्कार 3 से 5 अभ्यास (समय- 1से 2 मिनट) 12 स्टेप( 1 प्रणाम आसन, 2 ऊर्ध्व हस्तासन, 3 पादहस्तासन, 4 दाएं पैर पर अश्वसंचालन, 5 पर्वतासन, 6 साष्टांग प्रणाम आसन, 7 भुजंगासन, 8 पर्वतासन, 9 बाएं पैर ...

जरा-मरण

🌻घम्म प्रभात🌻 जरामरण ( वृद्धावस्था - मृत्यु) (प्रतीत्य समुत्पाद की बारहवीं कडी) जातिपच्चया जरामरणं। जाति (जन्म) के कारण (प्रत्यय) से जरा और मरण। धम्म सेनापति सारिपुत्त ने भिक्खुओं को संबोधित करते हुए कहा - - जरा-मरण क्या है? जरा-मरण का समुदय क्या है? जरा-मरण का निरोध क्या है? और क्या है जरा-मरण निरोध-गामिनी प्रतिपद? भन्ते सारिपुत्त ने कहा - जो उन प्राणियों की उन-उन प्राणी शरीर में बुढापा, जीर्णता, दांत टूटना, बाल पकना, झुर्री पडना, आयु क्षय, इंद्रिय विकार- यही कही जाती हैं जरा। - जो उन प्राणियों की उन-उन प्राणी शरीर से च्युति, भेद, अंतर्ध्यान, मृत्यु, कालक्रिया, स्कंधों का विलिन होना, कलेवर का पतन - यही मरण हैं। इस प्रकार यह जरा और मरण दोनों मिलकर जरा-मरण होते हैं। जन्म का होना ही जरा-मरण का कारण होता हैं। जन्म रूक जानेसे जरा-मरण रुक जाते हैं। तथागत बुद्ध ने जरा-मरण से मुक्त होने के लिए  आठ अंग वाला मार्ग - - आर्य अष्टांग मार्ग जरा-मरण निरोध-गामिनी प्रतिपद - मार्ग का उपदेश दिया हैं "Death(मरण) is the temporary end of a temporary phenomenon ". By deat...

हसबैंड

दो गाँव की और शहर की महिलायें आपस में बातें कर रही थी । गाँव की महिला: – “बहिन इ हसबैंड क्या होता है…?” शहर की मुस्कुराते हुए बोली: – “बहन ये अजीब तरह का बैंड होता है, जो केवल घर के झाडू या बैलन से बजाया जाता है । इस बैंड को बजाने का आनंद केवल शादीशुदा औरते ही ले सकती है, और अनोखी बात ये है कि, इसे जितना बजाओंगी उतनी मधुर धुन निकलेंगी और धुन केवल घर के अंदर ही रहेगी ।” और मजे की बात ये है कि.... इसे कितना भी बजाओं, ये हँसता ही रहते है, इसलिये इसे हसबैंड कहते है…

प्यास

   पानी का महत्व    एक बार एक व्यक्ति रेगिस्तान में कहीं भटक गया । उसके पास खाने-पीने की जो थोड़ी बहुत चीजें थीं, वो जल्द ही ख़त्म हो गयीं और पिछले दो दिनों से वह पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा था     वह मन ही मन जान चुका था कि अगले कुछ घण्टों में अगर उसे कहीं से पानी नहीं मिला तो उसकी मौत निश्चित है । पर कहीं न कहीं उसे ईश्वर पर यकीन था कि कुछ चमत्कार होगा और उसे पानी मिल जाएगा । तभी उसे एक झोँपड़ी दिखाई दी । उसे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ । पहले भी वह मृगतृष्णा और भ्रम के कारण धोखा खा चुका था । पर बेचारे के पास यकीन करने के अलावा कोई चारा भी तो न था । आखिर यह उसकी आखिरी उम्मीद जो थी ।    वह अपनी बची खुची ताकत से झोँपडी की तरफ चलने लगा । जैसे-जैसे करीब पहुँचता, उसकी उम्मीद बढती जाती और इस बार भाग्य भी उसके साथ था । सचमुच वहाँ एक झोँपड़ी थी । पर यह क्या ? झोँपडी तो वीरान पड़ी थी । मानो सालों से कोई वहाँ भटका न हो । फिर भी पानी की उम्मीद में वह व्यक्ति झोँपड़ी के अन्दर घुसा । अन्दर का नजारा देख उसे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ । ...

करेंट अफेयर्स

करेंट अफेयर्स क्विज़: जून 2017 1. हामिद दलवाई की पत्नी तथा प्रसिद्ध समाजसेविका का क्या नाम है जिनका हाल ही में पुणे में निधन हो गया? a.    कविता देसाई b.    अंजुम दलवाई c.    कार्तिका दलवाई d.    मेहरुन्निसा दलवाई 2.  केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने कर्नाटक के किस खेल को मंजूरी देने के लिए पशु क्रूरता रोकथाम (कर्नाटक संशोधन) विधेयक-2017 पारित किया? a.    जल्लीकट्टू b.    कंबाला c.    मरीयट्टम d.    पनियारम 3. कनाडा के किस लेखक की पुस्तक “हू हैज़ सीन द विंड” हाल ही में 52 वर्ष बाद लाइब्रेरी में लौटाई गयी? a.    डब्ल्यू ओ मिशेल b.    ओ हेनरी c.    ग्रिम स्मिथ d.    जॉर्ज कूलनी 4.  रोहन बोपन्ना ने फ्रेंच ओपन में किस जोड़ीदार के साथ मिलकर फ्रेंच ओपन मिक्स्ड डबल्स ख़िताब जीता ? a.    गैब्रियला डाब्रोवस्की b.    क्रिस्टीना डेबी c.    एमिली ब्रोंटे d. ...

करेंट अफेयर्स

करेंट अफेयर्स सारांश: जून 2017 •    हामिद दलवाई की पत्नी तथा प्रसिद्ध समाजसेविका जिनका हाल ही में पुणे में निधन हो गया - मेहरुन्निसा दलवाई •    वह खेल जिसे मंजूरी देने के लिए केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने पशु क्रूरता रोकथाम (कर्नाटक संशोधन) विधेयक-2017 पारित किया – कंबाला •    कनाडा के इस लेखक की पुस्तक “हू हैज़ सीन द विंड” हाल ही में 52 वर्ष बाद लाइब्रेरी में लौटाई गयी – डब्ल्यू ओ मिशेल •    रोहन बोपन्ना ने फ्रेंच ओपन में इस जोड़ीदार के साथ मिलकर फ्रेंच ओपन मिक्स्ड डबल्स ख़िताब जीता - गैब्रियला डाब्रोवस्की •    बीजिंग में आयोजित द्वितीय मिशन इनोवेशन में जिस देश ने स्वच्छ कोयला उपयोग हेतु राष्ट्रीय उन्नत अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल प्रौद्योगिकी मिशन की घोषणा की- भारत •    ब्रिटेन में आयोजित आम चुनावों में 09 जून 2017 को की गई वोटों की गिनती के बाद जो पार्टी सबसे आगे है- कंजरवेटिव पार्टी •    पद्म भूषण से सम्मानित जिस व्यक्ति ने ओडिशा सरकार के तकनीकी सलाहकार पद से त्यागपत्र दे दिया- सै...

Preposition

Preposition से सम्बंधित 75 प्रमुख बाते~सीखें व सीखाएं 1. का, के , कि के अर्थ में सम्बन्ध बताने वाले के लिए :- of 2. 'से' के अर्थ में जुदाई :- from 3. 'से अलग' के अर्थ में :- off 4. दो के बीच में :- between 5. तीन या तीन से अधिक के बीच में:- among 6. 'के करीब' के अर्थ में :- about 7. 'के बारे में' के अर्थ में :- about 8. 'के चारो तरफ' के अर्थ में :- round 9. 'के आस - पास' के अर्थ में :- around 10. 'के प्रति' के अर्थ में:- to, towards 11. 'की ओर' के अर्थ में:- to, towards 12. किसी चीज़ के ऊपर और स्पर्श रहने पर :- on 13. किसी चीज़ के ऊपर और स्पर्श नहीं रहने पर :- above, over 14. किसी चीज़ के ऊपर और गतिशील अवस्था में :- over 15. 'के द्वारा' के अर्थ में :- by 16. व्यक्ति के निकट :- by 17. किसी स्थान के निकट :- at 18. 'से होकर' (भीतरी अवस्था) :- through 19. 'से होकर' (बाहरी अवस्था):- by 20. Parts of Body के साथ धरकर के अर्थ में :- by 21. निश्चित समय के साथ 'तक' के अर्थ में :- by, till 22. समय कि अवध...

रविवार की छुट्टी

आज के दिन से शुरू हुई Sunday की छुट्टी ××××××××××××××××××××××××××× आज के ही दिन अर्थात 10 जून 1890 से रविवार/वीरवार/ इतवार/Sunday की छुट्टी नारायण मेघाजी लोखंडे के अथक प्रयासों से शुरू हुई थी। लोखंडे का जन्म जनपद ठाणे महाराष्ट्र में 09फरवरी1848 को हुआ था किन्तु इनका पैतृक गांव सासवड जनपद पुणे था। वे महात्मा ज्योतिबा राव फुलेजी के सत्यशोधक आन्दोलन के सजातीय कर्मठ कार्यकर्ता थे। उन्हें रविवार की छुट्टी और भारत में श्रमिक आंदोलन का जनक कहा जाता है। उनकी मृत्यु 08फरवरी 1897 को मुम्बई में हुई। भारत सरकार ने उनके सम्मान में 03 मई 2005 को 5 रुपये का एक डाक टिकट जारी किया।       ब्रिटिश शासन के दौरान मिल मजदूरों को सातों दिन काम करना पड़ता था और उन्हें कोई छुट्टी नहीं मिलती थी। मजदूरों का काफी शोषण होता था। ब्रिटिश अधिकारी प्रार्थना के लिए हर रविवार को चर्च जाया करते थे लेकिन मजदूरों के लिए ऐसी कोई परंपरा नहीं थी। ऐसे में जब मजदूरों ने भी रविवार की छुट्टी की मांग की, तो उन्‍हें डरा-धमका कर शांत करा दिया गया। उस समय मिल मजदूरों के नेता लोखंडे ने 1881 में अंग्रेजों के साम...

भारत का संविधान

भारत का संविधान - उद्देशिका [Preamble] http://lawmin.nic.in/coi/preamble.pdf (1) भाग 1  : संघ और उसके राज्यक्षेत्र [ Union and its Territory ] http://lawmin.nic.in/coi/part1.pdf (2) भाग 2  : नागरिकता [ Citizenship ] http://lawmin.nic.in/coi/partII.pdf (3) भाग 3  : मूल अधिकार [Fundamental Rights ] http://lawmin.nic.in/coi/partIII.pdf (4) भाग 4  : राज्य के नीति निर्देशक तत्व [ Directive Principles of State Policy ] http://lawmin.nic.in/coi/PartIV.pdf (5) भाग 4क  : मूल कर्तव्य [ Fundamental Duties ] http://lawmin.nic.in/coi/PartIVA.pdf (6) भाग 5  : संघ [ The Union] http://lawmin.nic.in/coi/PartV.pdf (7) भाग 6  : राज्य [ The States] http://lawmin.nic.in/coi/PartVI.pdf (8) भाग 7  : पहली अनुसूची के भाग ख के राज्य [ States in the B part of the First schedule ] http://lawmin.nic.in/coi/PartVII.pdf (9) भाग 8  : ...

बुद्ध बन सकते हैं

 हम भी बुद्ध बन सकते हैं. यदि कोई व्यक्ति ईसाई न हो तो वह पोप नहीं बन सकता, हिंदू न हो तो शंकराचार्य नहीं बन सकता,  मुसलमान न हो तो पैगंबर नहीं बन सकता। लेकिन बुद्ध बन सकता है।  बौद्ध धर्म में बुद्ध बनने के उपाय बताए गए हैं। बौद्ध धर्म की मान्यता है कि बुद्ध बनने की इच्छा रखने वाले को दस पारमिताएं पूरी करनी पड़ती हैं। ये पारमिताएं हैं -दान, शील, नैष्क्रम्य, प्रज्ञा, वीर्य, शांति, सत्य, अधिष्ठान, मैत्री और उपेक्षा। जब कोई व्यक्ति 'दान' पारमिता को आरंभ करता हुआ 'उपेक्षा' की पूर्ति तक पहुंचता है, तब तक वह बोधिसत्व रहता है। लेकिन इन सबको पूरा करने के बाद वह बुद्ध बन जाता है। पारमिताएं नैतिक मूल्य होती हैं, जिनका अनुशीलन बुद्धत्व की ओर ले जाता है।दान पारमिता -दान का अर्थ उदारतापूर्ण देना होता है। त्याग को भी दान माना जाता है। बौद्ध धर्म में भोजन दान, वस्त्र दान व नेत्र दान की प्रथा है। दान बुद्धत्व की पहली सीढ़ी है। इसके पीछे कर्तव्य की भावना होनी चाहिए। प्रशंसा व यश के लिए दिया गया दान, दान नहीं होता।शील पारमिता -सब प्रकार के शारीरिक, वाचिक, मानसिक और सब शुभ व नैतिक कर्म, ...

बोध कथा

एक बोध कथा ×××××××××××× एक राजा के पास कई हाथी थे, लेकिन एक हाथी बहुत शक्तिशाली था, बहुत आज्ञाकारी, समझदार व युद्ध-कौशल में निपुण था। बहुत से युद्धों में वह भेजा गया था और वह राजा को विजय दिलाकर वापस लौटा था, इसलिए वह महाराज का सबसे प्रिय हाथी था। समय गुजरता गया  ... और एक समय ऐसा भी आया, जब वह वृद्ध दिखने लगा।                      अब वह पहले की तरह कार्य नहीं कर पाता था। इसलिए अब राजा उसे युद्ध क्षेत्र में भी नहीं भेजते थे।  एक दिन वह सरोवर में जल पीने के लिए गया, लेकिन वहीं कीचड़ में उसका पैर धँस गया और फिर धँसता ही चला गया। उस हाथी ने बहुत कोशिश की, लेकिन वह उस कीचड़ से स्वयं को नहीं निकाल पाया।  उसकी चिंघाड़ने की आवाज से लोगों को यह पता चल गया कि वह हाथी संकट में है। हाथी के फँसने का समाचार राजा तक भी पहुँचा।      राजा समेत सभी लोग हाथी के आसपास इक्कठा हो गए और विभिन्न प्रकार के शारीरिक प्रयत्न उसे निकालने के लिए करने लगे। लेकिन बहुत देर तक प्रयास करने के उपरांत कोई मार्ग नहीं निकला....

तेरा कुछ नहीं होगा

तेरा कुछ नहीं होगा भारत देश में देवी देवताओ पर असीम विश्वास है इसी  पर आधारित एक मोटिवेशन कहानी एक बार एक ब्यक्ति किसी संत के पास गया और बोला की महाराज जी मुझ पर शनि देव का प्रकोप है. इनसे छुटकारा पाने का कोई उपाय बताओ तो संत ने कहा इनसे छुटकारा पाने के लिए आपको एक काली गाय का दान करना पड़ेगा उस सज्जन ने कहा हमारे पास काली गाय तो नहीं है , फिर संत ने कहा काला बकरा दान कर दो, सज्जन ने कहा हमारे पास बकरा नहीं है , संत ने कहा मुर्गा दान कर दो, सज्जन ने कहा हमारे पास मुर्गा भी नहीं है, संत ने कहा अच्छा १५१ रुपये दान कर दो, सज्जन ने कहा हमारे पास १५१ रुपये भी  नहीं है संत ने कहा २१ रुपये ही दान कर दो, सज्जन ने कहा हमारे पास वो भी  नहीं है, अंत में संत ने कहा हे सज्जन जा तेरा भगवन शनि भी कुछ नहीं कर सकते है.    इसी प्रकार यदि ब्यक्ति अपने घमंड को त्याग कर कोई भी काम  को लगातार करता है तो दुनिया की कोई समस्या उसका कुछ नहीं कर सकती है .    उक्त कहानी में आपको आपके पथ से भ्रमित करने वाले लोग शनि देव व आपके काम सफल कराने का दावा करने वाले लोग संत ह...