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पर्यायवाची शब्द का नया तरीका

कविता द्वारा पर्यायवाची शब्द  ========================== सोम सुधाकर शशि राकेश                           राजा   भूपति   भूप   नरेश पानी अम्बु वारि या नीर                      वात हवा और अनिल समीर दिवा दिवस दिन या वासर                        पर्वत   अचल   शैल महिधर विश्व जगत जग भव संसार                         घर गृह आलय या आगार अग्नि पावक आग दहन                         ...

नए वर्ष पर

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नव वर्ष की मंगल कामनाएं  नए वर्ष की  नई पहल हो।  कठिन जिंदगी और सरल हो।   अन सुलझी जो रही पहेली।  अब उसका  शायद हल हो।   जो चलता है वक्त देखकर। आगे जाकर वही सफल हो ।    नए वर्ष  का उगता सूरज।  सबके लिए सुनहरा पल हो।  समय हमारा साथ सदा दे।   कुछ ऐसी हलचल आगे हो।   सुख के चौक पूरे हर द्वारे।  सुखमय आँगन का हर पल हो।