*मुझे मत जलाओ*
*मुझे मत जलाओ* तुम मुझे क्यों जलाते हो जलाकर मुझे शराब पीते हो, भांग भी पीते हो अ-वीर भी लगाते हो। लड़ते हो, झगड़ते हो घायल भी हो जाते हो, मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा तुम मुझे क्यों जलाते हो। हरदोई की रहने वाली हिरणयकश्यप की बहन हूं, मेरा भाई है, वो तेरा भाई होली हूं, तेरी भी बहन हूं। होली नाम से मुझे जलाकर तुम क्यों इतराते हो, नारी के पुतले को जलाकर तुम बहादुर कहलाते हो? बहादुर नहीं तुम कायर हो तभी तो अ-वीर लगाते हो, मनुवादी झूंठी कहानी सुनकर तुम मुझे क्यों जलाते हो। नारी का मत अपमान करो न कायरता दिखलाओ, मैं भी बहुजनो की बहन हूं अपनापन दिखलाओ। अगर जलाना ही शौक है तेरा तो मनुस्मृति को जलाओ, बाबा साहेब ने यही कहा था भीम मिशन आगे बढ़ाओ। *मुझे मत जलाओ।* *होली दहन बन्द करो।*